नहीं आती तो याद उनकी, महीनों तक नहीं आती
मगर जब याद आते हैं, तो अक्सर याद आते हैं
उनकी याद, उनकी तमन्नाओं का ग़म
कट रही है, ज़िन्दगी आराम से
जिसको तुम भूल गए, याद करे कौन उसको
जिसको तुम याद हो, वो और किसे याद करे
ग़रज़ कि काट दिए, ज़िन्दगी के दिन ऐ दोस्त
वो तेरी याद में हों, या तुझे भुलाने में
हम ही में थी न कोई बात, याद न तुम को आ सके
तुमने हमें भुला दिया, हम न तुम्हें भुला सके
तुम्हारी याद के जब, ज़ख़्म भरने लगते हैं
किसी बहाने तुम्हें, याद करने लगते हैं
हमने सीने से लगाया, दिल न अपना हो सका
मुस्करा कर तुमने देखा, दिल तुम्हारा हो गया
पड़े तस्बीहे-ज़ाहिद पर, निगाहे-मस्त गर तेरी
तो टपके बादए-अंगूर, उसके दाने-दाने से